कच्चे धागे फिल्म की शूटिंग के दौरान अजय देवगन मरते मरते बचे थे, साथ ही सैफ अली को भी पड़ी थी फटकार।

अजय देवगन की फिल्मों के किस्से तो आप सबने सुने ही होंगे। अजय देवगन अपनी एक्शंस फिल्म के लिए सब से ज़्यादा जाने जाते हैं और एक फिल्म ऐसी भी हैं जिसमें अजय देवगन एक्शन करते समय मरते मरते बचे थे। तो हम बात कर रहे हैं फिल्म ‘कच्चे धागे’ की, जो कि उस समय की सुपरहिट फिल्मों में से एक थी। साल 1999 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘कच्चे धागे’ उस दौर की सफल और लोकप्रिय फिल्मों में से एक है, जिसने अब 25 साल पूरे कर लिए हैं। और इस फिल्म के साथ डायरेक्टर मिलन लूथरिया के करियर को भी 25 साल पूरे हो गए हैं। और सबसे ज़्यादा यह फिल्म अपनी स्टारकास्ट की वजह से काफी सुर्खियों में रही थी। आइए इस फिल्म के बारे में पूरी बात जानते हैं।

इस फिल्म में लोकप्रिय एक्शन स्टार अजय देवगन और उभरते हुए रोमांटिक स्टार सैफ अली खान ने पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर की थी। और अजय देवगन के साथ लीड रोल करती हुई मनीषा कोइराला नज़र आईं थीं, इससे पहले 1993 में आई फिल्म धनवान में मनीषा कोइराला और अजय देवगन ने एक साथ काम किया था। और वहीं नम्रता शिरोडकर को सैफ अली के साथ अपोजिट कास्ट किया गया था। हम आपको बता दें कि साल 1973 में ‘कच्चे धागे’ नाम से एक फिल्म भी बनी थी, जिसमें कबीर बेदी, विनोद खन्ना, और मौसमी चटर्जी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। वैसे तो फिल्म का नाम एक ही थी लेकिन 1973 में आई फिल्म कच्चे धागे और 1999 में आई फिल्म कच्चे धागे की कहानी बिल्कुल अलग थी। यह दोनो ही पिक्चर के डायरेक्टरों ने बिल्कुल नहीं सोचा था कि यह फिल्म सुपरहिट जाएंगी।

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आइए अब बताते हैं कि क्या थी कहानी इस फिल्म की।

‘कच्चे धागे’ की कहानी दो भाइयों के बारे में थी, जिसमें सैफ अली और अजय देवगन भाई बने थे, जिनकी दुनिया एक दूसरे से बिल्कुल अलग रहती है। और फिर बाद में किस्मत उनकी राहें मिलाती हैं और फिर वे अपनी दुश्मनी छोड़कर करीब आ जाते हैं। इस फिल्म की शूटिंग कुलधरा गांव में हुई थी और भारत के अलग अलग इलाकों में भी हुई थी जिसमें स्विट्जरलैंड भी शामिल था। कुलधार को भूतिया गांव के नाम से जाना जाता है। यह जैसलमेर में स्तिथ है। किसी समय इस गांव में ब्राह्मण समुदाय के लोग रहते थे। इस फिल्म में अजय देवगन ने आफताब का किरदार निभाया था। आइए अब बताते हैं कि अजय देवगन फिल्म के दौरान कौनसा सीन करते समय मरते मरते बचे थे।

एक सीन था जिसमें अजय देवगन को सैफ अली से ट्रेन का कोच अलग करने थे, जिसको करते समय अजय देवगन फिल्म में लगभग मरते हुए बचे थे। लेकिन असल में हकीकत में भी वैसा ही था। अजय देवगन हकीकत में वो सीन करते समय मरते मरते बचे थे जिसे फिल्म में तो दिखाया ही लेकिन असल में भी यही हुआ था। शूटिंग में अजय देवगन के जान खतरे में पड़ गई थी और इस सीन के दौरान फिल्म में दिखाया था कि लगभग उनकी मौत हो गई है। खैर यह तो फिल्म की शूटिंग थी और हम अक्सर फिल्मों में ऐसे सीन्स देखते रहते हैं और फिल्म में देखने में हमें वह सीन्स आसान से लगते हैं लेकिन असल में एक्टर्स के लिए यह काम काफी मुश्किल होता है, उन्हें अपनी जान जोखिम में डाल कर ऐसे सीन करने पड़ते हैं।

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अब आते हैं एक और हैरान कर देने वाली बात पर। क्या आप यह जानते हैं कि ‘कच्चे धागे’ के सेट पर एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा ने सैफ अली को थप्पड़ मारा था?
जी हां दोस्तों अपने बिकुल सही पढ़ा, सैफ अली को उनके अनप्रोफेशनल रवैए के लिए उन्हें थप्पड़ मारा गया था। दरअसल, चलती ट्रेन में एक्शन सीक्वेंस के दौरान सैफ शूटिंग पे ध्यान देने की बजाय बार बार डांस कर रहे थे। और जब शूट कैंसल हुआ तो डायरेक्टर ने सैफ अली से पूछा कि वह ऐसा क्यों कर रहे थे, तो सैफ ने कहा कि ट्रेन की धुन सुन कर उन्हें डांस करने का मन हो रहा था। यह बात सुनकर एक्शन डायरेक्टर टीपू वर्मा को बहुत गुस्सा आया और उन्होंने सैफ को एक ज़ोरदार थप्पड़ मार दिया। जिसके बाद सैफ अपनी एक्स वाइफ अमृता सिंह के साथ टीपू वर्मा से माफी मांगने गए थे।

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