₹3000 के लोगों पर पहुंचे मखाने के दाम किसानों के लिए है यह शानदार मौका

मखाना जो हमें कमल के बीज से मिलता है इसी वजह से इसे लोटस सीड के नाम से भी जाना जाता है इसके अलावा इसे फॉक्स नट , गोर्गन नट और फूल मखाना भी कहा जाता है। माखाना बहुत ही ज्यादा पौष्टिक होता है। देश में ज़्यादातर 90 फीसदी मखाने की फसल मिथिलांचल इलाके में होती है। किसानों के लिए यह सुनहरा मौका है वह अपनी फसल दुनिया भर में पहुंचा सकते हैं जहां लोकल मार्केट में इसके दाम लगभग 600 से ₹700 किलो है प्रति किलो है वहीं विदेशों में यह ₹3000 प्रति किलो मिलता है।

GI टैग मिलने के बाद मिथिला चल के मखाने ने छुआ आसमान:

मिथिलांचल के मखाने को G I टैग मिलने के बाद ग्लोबल लेवल में एक नई पहचान बना ली है इसी के साथ मखाने के दाम आसमान को छू रहे हैं जो कि किसानों को अपनी फसल विदेशों में भेजने का यह बहुत ही सुनहरा मौका है। ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान आदी जैसे कई विदेशों में इसकी मांग ज्यादा हो रही है और वहां इसके दाम आसमान छू रहे हैं। लगभग ₹3000 प्रति किलो वहां बेचा जा रहा है। मखाने की इतनी अच्छी और ज्यादा खेती होने फसल होने का कारण किसानों में इसके प्रति जागरूकता, उत्साह ज्यादा देखने को मिला है और फसल को बढ़ाने में सरकार से भी मदद ली है।

मखाने के भाव खा रहे हैं भाव

साइंटिस्ट डॉक्टर मनोज कुमार जो कि एक राष्ट्रीय मखाना रिसर्च इंस्टीट्यूट के सीनियर साइंटिस्ट हैं। उन्होंने इस बारे में डिटेल में जानकारी देते हुए बताया – मखाना बहुत ही उपयोगी आहार है जिसे हम एक पौष्टिक आहार के रूप में भी लेते हैं। अगर हम इसको खाने में डाल दे तो यह खाने को पौष्टिक और स्वादिष्ट बना देता है। उनका कहना है कि न सिर्फ भारत में ही बल्कि विदेशों में भी इसकी डिमांड काफी हद तक की जा रही है डिमांड इतनी है कि जितनी इसकी फसल नहीं है विदेश में इसकी डिमांड के अनुसार उतना मखाने पैदावार नहीं हो पा रहे हैं लेकिन किसानों के लिए अपनी आमदनी बढ़ाने का यह बहुत ही सुनहरा मौका है।

यह भी पढ़ें  इतिहास में पहली बार कोई बना था इतना अमीर वो भी सिर्फ 2 मिनट के लिए।

मखाना पोस्टिक होने के साथ-साथ कई बीमारियों का है इलाज

डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि जिसको बांझपन की समस्या है वह मखाने का सेवन करके समस्या से छुटकारा पा सकता हैं। जी हां मखाने का नियमित रूप से सेवन करने से बांझपन की समस्या दूर होती है। बांझपन की समस्या में यह दवाई की तरह काम करता है। मखाने में जिंक, आयरन, मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसके अलावा मैग्नीशियम , पोटेशियम, कैल्शियम , फास्फोरस आदि भी शामिल हैं।

डायबिटीज की समस्या को भी दूर करता है जिस व्यक्ति को डायबिटीज है वह मखाने का सेवन कर सकता है और यह मोटापे को भी दूर करता है। मखाने की खीर, बिस्कुट , चॉकलेट आदि बनाए जाते हैं। मखाना बहुत ही लाभकारी, गुणों से भरपूर तथा उपयोगी है। मखाने की फसल करके किस अच्छी खासी आमदनी हो रही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top