‘कुतुब मीनार’ को क्यों नहीं देखा जा सकता है अब अंदर से और कुतुब मीनार से भी ऊंची है यह हिस्टोरिकल बिल्डिंग जो मुमताज महल के सपनों का महल है ‘ताजमहल’:

कुतुब मीनार जो कि एक हिस्टोरिकल बिल्डिंग है जिसका नाम कुतुबुद्दीन ऐबक के नाम से रखा गया। कुतुब मीनार को बाहर से ही देखा जा सकता है लेकिन आज से कुछ वर्ष पहले कुतुब मिनार को अंदर से भी देखा जा सकता था। कुछ साल पहले कुतुब मीनार घूमने आए लोग कुतुब मीनार के अंदर प्रवेश करके अंदर से भी इसका नजारा देख सकते थे लेकिन अब सिर्फ लोग कुतुब मीनार को बाहर से ही देख सकते हैं। आइऐ जानते हैं ऐसा क्या हुआ जिसके वजह से अब कुतुब मीनार सिर्फ बाहर से ही देखी जा सकती है।

कुतुब मीनार जिसे हर साल लोग लाखों के हिसाब से देखने आते हैं इस इमारत को 1199 से 1220 के बीच में बनाया गया था। जो कि दिल्ली के महरौली नामक क्षेत्र में स्थित है। इस मीनार को बनवाने काम कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू करवाया था लेकिन यह मीनार पूरी तैयार भी नहीं हो पाई थी और कुतुबुद्दीन ऐबक का इंतकाल हो गया था। इसके बाद इसको इल्तुतमिश ने पूरा बनवाया। इसके अलावा एक ऐसा मकबरा भी है जो बेहद खूबसूरत है आईए इसके बारे में जानते हैं।

शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल के लिए बनवाया था यह मकबरा

वैसे मकबरे की बात की जाए तो आप सब लोग ताजमहल से काफी अच्छे से परिचित भी होंगे और ताजमहल देखा व घूमा भी होगा। दरअसल यह मकबरा मुमताज महल और शाहजहां का है जिसे शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल के लिए बनवाया था। इस मकबरे को ताजमहल के नाम से भी जाना जाता है। देखने में बेहद ही खूबसूरत है इस इमारत को दुनिया के सात अजूबों में से एक माना जाता है। ताजमहल को संगमरमर की सफेद पत्थरों से बनाया गया है और ऐसा कहा जाता है कि जिन मजदूरों ने ताजमहल बनाया था तो शाहजहां ने उन मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे क्योंकि वह ऐसा कोई दूसरा ना बना पाएं लेकिन यह भी कहा जाता है कि यह बस लोगों की सुनी हुई बातें इसका कोई सबूत नहीं मिला कि शाहजहां ने असल में ही ऐसा किया था।

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क्या आपको लगता है ताजमहल को देखकर कि यह कुतुब मीनार से ऊंचा होगा?

आप सभी लोगों को यह लगता होगा की कुतुब मीनार ताजमहल से भी ऊंची है लेकिन असल में सच यह है कि ताजमहल कुतुब मीनार से ऊंचा है भले ही ताजमहल की कुतुब मीनार से ऊंचाई में एक मीटर का फर्क है आखिर कहलाएगा तो कुतुब मीनार से ऊंचा। कुतुब मीनार की ऊंचाई 72 मीटर है जबकि ताजमहल की ऊंचाई 73 मीटर है दोनों की ऊंचाई में सिर्फ 1 मीटर का फर्क है। लेकिन दोनों वाकई में ऐसे हिस्टोरिकल बिल्डिंग्स हैं जिसे लोग लाखों की तादाद में देखने व घूमने आते हैं।

कुतुब मीनार को अंदर से क्यों नहीं देखा जा सकता

जैसा कि आपको पहले बता चुके हैं कुतुब मीनार को आप बाहर से ही देख सकते हैं अंदर से नहीं देखा जा सकता है लेकिन कुछ साल पहले वहां लोग अंदर से भी देखने जा सकते थे अब सवाल यहां यह आता है कि अब इसे अंदर से क्यों नहीं देखा जा सकता है? तो बहुत समय पहले 4 दिसंबर 1981 में एक बहुत बड़ी घटना हुई थी जिसके कारण वहां कई लोगों की जान भी चली गई इसी वजह से वहां के दरवाजे को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।

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