पश्चिम बंगाल और पंजाब के बाद अब केरल में भी INDIA ब्लॉक में पड़ी फूट: CPI ने 4 सीटों पर राहुल और थरूर के खिलाफ प्रत्याशी घोषित किए।

जैसा कि आप सब जानते हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव में बस कुछ ही समय बचा है और जैसे ही यह चुनाव करीब आएंगे तब तक आपको हर दिन सत्ता में कुछ ना कुछ पलटता हुआ नज़र आता रहेगा। इसी के साथ अब एक और पलटती हुई खबर सामने आई है जो कि राहुल गांधी के लिए अब और चिंता का विषय बन गई होगी। पश्चिम बंगाल और पंजाब के बाद अब केरल में भी INDIA ब्लॉक टूटता हुआ नज़र आ रहा है। गठबंधन की प्रमुख सहयोगी भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (CPI) ने बीते सोमवार यानि 26 फरवरी को 4 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। आइए आपको पूरी जानकारी देते हैं।

हम आपको बता दें कि पार्टी ने राहुल गांधी की संसदीय सीट वायनाड से एनी राजा को टिकट दिया है। और सिर्फ यही नहीं, इसके अलावा तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर के खिलाफ पनियन रवींद्रन को टिकट दिया है। वहीं, पार्टी ने त्रिशूर से वीएस सुनील कुमार और मवेलिकारा से अरुण कुमार को उम्मीदवार बनाया है। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (CPI) ने कांग्रेस के दो बड़े सांसदों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे हैं। जबकि, INDIA ब्लॉक की समन्वय समिति और चुनाव रणनीति समिति के सदस्य डी. राजा हैं जो कि पार्टी के महासचिव हैं। और सबसे खास बात तो यह है कि पार्टी ने जिसे यानी एनी राजा को वायनाड सीट से राहुल गांधी के खिलाफ उतारा है, वह डी. राजा की पत्नी हैं। हम आपको बता दें कि एनी राजा फिलहाल में भारतीय राष्ट्रीय महिला फेडरेशन (NFIW) की महासचिव हैं।

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सत्ता की इस लड़ाई में सब एक दूसरे को पीछे छोड़ने की पूरी तैयारी में लगे हुए हैं और अब इससे जुड़ी CPI नेता और राज्यसभा सांसद बिनॉय वृश्वम ने भी एक बड़ी बात कह दी है। उन्होंने कहा कि “ यह एक राजनीतिक लड़ाई है और व्यक्तिगत रूप से मैं राहुल गांधी को अपना एक बहुत अच्छा दोस्त मानता हूं। लेकिन, चुनाव की इस महत्वपूर्ण लड़ाई में कांग्रेस का सबसे बड़ा दुश्मन कौन है? RSS के नेतृत्व वाली भाजपा या वामपंथी? यह साफ ज़ाहिर है को कांग्रेस की सबसे बड़ी दुश्मन RSS के नेतृत्व वाली भाजपा है। क्या कांग्रेस इस बारे में स्पष्ट है?”

आखिर कैसा है केरल चुनाव का गणित

2019 के लोकसभा चुनाव में CPI ने केरल में 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन तब कोई भी सीट नहीं निकल पाई थी। हम आपको बता दें कि केरल में कुल 20 लोकसभा सीटें हैं। और 2019 में कांग्रेस को इनमें से 15 सीटें मिली थीं, जबकि 2 सीटें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को मिली थीं। CPI (M), KC (M) और RSP ने 1–1 सीटें जीती थीं। लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों को लेकर सिर्फ वायनाड में ही नहीं, बल्कि तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर में भी मतभेद देखे जा सकते हैं। सत्तारूढ़ LDF और विपक्षी UDF के साथ साथ भाजपा के नेतृत्व वाली NDA को भी तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर में बहुत उम्मीदें हैं। हालांकि, अभी तक CPI के अलावा यहां किसी भी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।

INDIA ब्लॉक में सीट शेयरिंग पर अभी तक क्या हुआ है।

लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच लोकसभा सीटों का बंटवारा 24 फरवरी को फाइनल हो गया है। आम आदमी पार्टी दिल्ली में 4 और कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। गोवा और चंडीगढ़ सीट के लिए भी सीट शेयरिंग फॉर्मूला फाइनल हो गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने यूपी और एमपी में शेयरिंग फिक्स पर समझौता किया है। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस के लिए 17 सीटें छोड़ी हैं। और कांग्रेस ने मध्यप्रदेश की 29 सीटों में से 1 खजुराहों सीट समाजवादी पार्टी के लिए छोड़ी है। और हम आपको बता दें कि पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच सहमति नहीं बन पाई है इसलिए पंजाब में कांग्रेस और AAP अलग अलग चुनाव लड़ेंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 21 फरवरी को इस बात का ऐलान भी किया था और कहा था कि पंजाब में अकेले लड़ने का फैसला जीतने के लिए किया है।

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